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घरेलू विद्युत उपभोक्ता को लगा स्मार्ट मीटर का झटका, एक माह का बिल आया 52.58 लाख रुपये, अब लगा रहे कार्यालयों के चक्कर_我的网站

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一 |     संवाद सहयोगी, हजारीबाग । शहर के बिजली विभाग के द्वारा एक अजब कारनामा सामने आया है। विभाग ने शहर के ओकनी स्थित पश्चिमी गली के शांति भवन निवासी किशोर कुमार सिंह को करीब 52.58 लाख रुपये का बकाया बिल भेज दिया गया है।,किशोर कुमार ने बताया कि मार्च 2025 में उन्होेंने बकाया बिजली बिल के तौर पर कुल 2025 रुपय का भुगतान किया था। इसके बाद विभाग के द्वारा अप्रैल माह में उनके मकान में स्मार्ट मीटर लगाया। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद विभाग द्वारा करीब 52.58 लाख का बिल भेज दिया गया है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि आखिर एक माह में एक घरेलू उपभोक्ता एक माह में इतना अधिक बिजली की खपत कैसे कर सकता है कि उसका बिल लाखों में आए।, मामले को लेकर पीडित किशोर सिंह ने बताया कि यह बकाया बिल उनके ससुर जगदीश राम के मकान का है। वहीं बताया कि उनके मकान का वर्तमान में वे ही केयरटेकर हैं। इसे लेकर वे विगत तीन माह से विभाग द्वारा भेजे गए बिल में सुधार कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभाग सिर्फ टालमटोल कर रहा है और उन्हें एक से दूसरे कार्यालय भेजता रहता है। वहीं इस संबंध में सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू ने भी जिला विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता से तत्काल संज्ञान लेते हुए पीडित को न्याय दिलाने की मांग की है।。     पीटीआई, नई दिल्ली। माकपा के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने दिल्ली पुलिस के साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी और पहलगाम हमले के पीडि़तों के परिवार पर हुए ऑनलाइन हमलों के सुबूत साझा किए हैं। विदेश मामलों पर संसदीय समिति के सदस्य जान ब्रिटास ने मई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर वरिष्ठ राजनयिक पर हुए आनलाइन हमलों की जांच की मांग की थी। उन्होंने नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की विधवा हिमांशी नरवाल और पर्यटक एन रामचंद्रन की बेटी आरती को निशाना बनाकर चलाए जा रहे साइबर अभियानों का भी जिक्र किया था। दोनों ही 22 अप्रैल के पहलगाम हमले में मारे गए थे।,डीसीपी काउंटर इंटेलिजेंस (स्पेशल सेल) मनीषी चंद्रा को संबोधित एक पत्र में माकपा नेता ने कहा कि वह अपमानजनक इंटरनेट मीडिया पोस्ट के साथ-साथ मुख्यधारा के मीडिया कवरेज से ली गई सामग्री साझा कर रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से साइबर उत्पीड़न और बदनामी का एक ठोस अभियान स्थापित करता है।,उन्होंने कहा कि पुलिस किसी संज्ञेय अपराध को साबित करने का भार सूचना देने वाले पर डालकर अपने वैधानिक कर्तव्य से बच नहीं सकती तथा एफआइआर दर्ज की जानी चाहिए।。

二 |

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Published on:21:15:32


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